क्यूआर कोड क्या होता है हिंदी में पूरी जानकारी

QR code kya hota hai

क्या आप जानना चाहते हैं कि क्यूआर कोड क्या होता है और आज के समय में इसका इस्तेमाल क्यों किया जाता है। अगर हां तो आप हमारे इस आर्टिकल को पढ़ पूरा पढ़ सकते हैं। जिसमें हमने क्यूआर कोड से संबंधित बहुत सारी जानकारी दी है और यह अच्छी तरह से समझाया है

कि क्यूआर कोड क्या होता है और इसका इस्तेमाल क्यों किया जाता है। वह इससे संबंधित और भी बहुत सारी जानकारी और हम यह वादा करते हैं कि अगर आपने हमारा यह आर्टिकल पूरा पढ़ लिया। तो आपको किसी अन्य आर्टिकल को पढ़ने की जरूरत नहीं होगी। और आप क्यूआर कोड से संबंधित पूरी जानकारी जान जायेंगे।

उससे पहले आपने यह नोटिस किया होगा कि यह क्यूआर कोड किसी प्रोडक्ट या किसी एडवर्टाइजमेंट में छपा होता है या दिखाई देता है। जिसे आपको अपने स्मार्टफोन से स्कैन करने को कहा जाता है। तो फिर आपकी भी मन में यह सवाल आता होगा कि इसका इस्तेमाल किया है और यह क्या होता है। वह इसकी शुरुआत किसने की थी।

तो चलिए आज हम इन्हीं सभी प्रश्नों से संबंधित उत्तर को जानेंगे। और समझेंगे कि यू आर कोड क्या होता है और इसका इस्तेमाल आखिर क्यों किया जाता है। तो चलिए शुरू करते हैं।

क्यूआर कोड क्या होता है।

क्यूआर कोड (QR code) का फुल फॉर्म क्विक रिस्पांस कोड (quick response code) होता है। यह पूरी तरह से एक स्क्वेयर बॉक्स बारकोड की तरह होता है। जिसे सबसे पहले जापान में बनाया गया था। यह दिखने में पुराने वाले ट्रेडिशनल यूपीसी बारकोड जैसा नहीं होता है। जिसमें हॉरिजॉन्टल लाइन होती हैं।

मगर यह दिखने में ज्यादा अट्रैक्टिव है और इसमें ज्यादा इंफॉर्मेशन स्टोर की जा सकती है। और तो और इसे बहुत ही आसानी से कैप्चर भी किया जा सकता है। इसका इस्तेमाल लगभग हर जगह होता है। जैसे किसी प्रोडक्ट को ट्रैक करने में या उसकी पहचान करने में क्योंकि बारकोड में प्रोडक्ट की इनफार्मेशन होती है।

जिसे स्कैन करने पर हमें उसके बारे में जानकारी पता चल जाती है। अगर आसान भाषा में कहें तो यह बारकोड का अपग्रेड वर्जन है। अगर इसकी कोई दूसरी परिभाषा दी जाए तो ये मशीन रीडेबल लेबल्स हैं। जिन्हें कंप्यूटर बहुत ही आसानी से समझ सकता है किसी टेक्स्ट के मुकाबले।

आज के समय में क्यूआर कोड का इस्तेमाल बहुत सारी जगह पर किया जाता है। जैसे आज के समय हम से एडवर्टाइजमेंट, बिलबोर्ड और बिजनेस विंडो मैं भी देख सकते हैं। और तो और आज के समय में इसका इस्तेमाल कई सारी वेबसाइट से भी कर रहे हैं।

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क्यूआर कोड को किसने बनाया था।

चलिए अब जानते हैं कि क्यूआर कोड को आखिर किसने बनाया था। तो इसका जवाब है की जापान की एक कंपनी डेंसो-वेव कॉर्पोरेशन ने इसे बनाने का कार्य आरंभ किया और बार-बार फेल होने के बावजूद उन्होंने मेहनत की और आखिरकार इन्होंने क्यूआर कोड का आविष्कार 1994 में कर लिया।

मगर इस कंपनी की जो टीम थी। जिसने क्यूआर कोड का आविष्कार किया था। उस टीम के लीडर मासाहिको हरा थे। इसलिए माना जाता है कि इन्होंने ही क्यूआर कोड का आविष्कार किया था। इसलिए जब भी यह पूछ जाता है कि क्यूआर कोड का अविष्कार किसने किया तो मासाहिको हरा का नाम लिया जाता है।

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क्यूआर कोड और 1डी यूपीसी बारकोड क्या है।

अभी तक आपने जाना क्यूआर कोड का आविष्कार किसने किया था। चलिए हम जानते हैं कि क्यूआर कोड और बारकोड में क्या अंतर होता है। चलिए जानते हैं।

वैसे देखा जाए तो क्यूआर कोड और बारकोड में काफी अंतर है। क्योंकि बारकोड में वर्टिकल लाइन होती है और दूसरी तरफ क्यूआर कोड स्क्वेयर बॉक्स की तरह होता है।

अगर हम दोनों को स्कैन करने की बात करें। तो आप क्यूआर कोड को किसी भी डायरेक्शन में स्कैन कर सकते हैं। मगर बारकोड को आप एक ही डायरेक्शन में स्कैन कर सकते हैं।

1डी बारकोड (UPC) मैं हम मात्र 30 नंबर को स्टोर कर सकते हैं। मगर दूसरी तरफ क्यूआर कोड के अंदर हम 7089 नंबर को स्टार्ट कचर सकते हैं।

इसी ज्यादा स्टोरेज कैपेसिटी के कारण ही हम इसमें वीडियोस और फाइल्स को स्टोर कर सकते हैं। जिसका इस्तेमाल कई सारी सोशल मीडिया साइट्स पर किया जाता है। जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि।

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यह इतना महत्वपूर्ण क्यों है।

चलिए अब जानते हैं कि क्यूआर कोड का महत्व क्या है। शुरुआत के समय में इसका इस्तेमाल सुपर मार्केट के ग्रोसरी में चीजों को ट्रैक करने के लिए किया जाता था। मगर आज के समय में छोटी और बड़ी कंपनी अपनी सेल्स को बढ़ाने के लिए भी इसका इस्तेमाल करती हैं।

जैसे वह अपनी प्रोडक्ट की इंफॉर्मेशन उस क्यूआर कोड में देती है और लोगों को स्कैन करने के लिए कहती हैं। जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग उसे स्कैन करते हैं और उनके प्रोडक्ट को खरीदते भी हैं।

अगर हमारे जैसे कंज्यूमर की बात करें। तो हम क्यूआर कोड की मदद से और अपने स्मार्टफोन का इस्तेमाल करके कोई भी एक्शन जल्दी से ले सकते हैं। जैसे आपने देखा होगा की बहुत सारी दुकानों पर आपको ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए क्यूआर कोड देखती हैं। जिस को स्कैन करके आप उन्हें पेमेंट कर सकते हैं।

और तो और इसको इस्तेमाल करना अभी बहुत ही आसान है। इसमें NFC की तरह कोई फैंसी इलेक्ट्रॉनिक नहीं लगी होती और ना ही इसमें कोई बड़ी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है। यह तो बस ब्लैक और वाइट कलर का ग्रेड है। जिसे कागज के ऊपर प्रिंट किया जाता है।

और इसी को हम अपने स्मार्टफोन में स्कैन कर सकते हैं। और उस क्यूआर कोड में मौजूद जानकारी पता कर सकते हैं। यह इसलिए होता है की क्यूआर कोड को स्कैन करने के लिए आपको एक मोबाइल एप्लीकेशन की जरूरत होती है।

जिसे आपको अपने मोबाइल में प्ले स्टोर से डाउनलोड करना होता है और वह एप्लीकेशन उस क्यूआर कोड में मौजूद इंफॉर्मेशन को आपके सामने डिकोड करती है। जिसे आप देख और समझ सकते हैं।

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इसको कैसे स्कैन करें।

चलिए अब जानते हैं कि क्यूआर कोड को स्कैन कैसे करते हैं। क्यूआर कोड को स्कैन करने के लिए आपके पास एक स्मार्टफोन होना चाहिए। चाहे वह किसी भी कंपनी का हो या उसमें कोई भी ऑपरेटिंग सिस्टम हो। जैसे एंड्राइड, आईओएस आदि।

सबसे पहले आपको अपने मोबाइल में एक क्यूआर कोड या बारकोड स्कैनर ऐप को डाउनलोड करना होगा। जिसे आप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। आज के समय में बहुत ही अच्छी क्यूआर कोड स्कैनर एप मौजूद है। जैसे Red laser, barcode scanner आदि।

बस आपको इसे अपने मोबाइल में इंस्टॉल करना है और इसका इस्तेमाल करके किसी भी बारकोड या क्यूआर कोड को स्कैन करना है। यह उसको स्कैन करके या डिकोड करके आपके सामने उसकी जानकारी बता देगा। चलिए आइए जानते हैं। क्यूआर कोड में क्या-क्या स्टोर कर सकते हैं।

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इसमें क्या स्टोर कर सकते हैं।

अभी तक हमने क्यूआर कोड से संबंधित बहुत सारी जानकारी जान ली है। जैसे यह क्या है। इसका आविष्कार किसने किया और इसको स्कैन कैसे करें। चलिए अब जानते हैं कि क्यूआर कोड के अंदर हम क्या स्टोर कर सकते हैं।

अगर बहुत ही आसान भाषा में कहें। तो यह इमेज बेस्ट हाइपरटेक्स्ट लिंक है। जिसका इस्तेमाल हम ऑफलाइन मोड में भी कर सकते हैं। इसमें हम किसी भी यूआरएल को इनकोड कर सकते हैं। जिससे अगर कोई व्यक्ति उस क्यूआर कोड को स्कैन करें।

तो वह उसी वेबसाइट पर पहुंच जाए। जिस वेबसाइट का लिंक उस क्यूआर कोड में दिया गया है। उदाहरण के लिए अगर आप अपने फेसबुक पेज का लिंक उस क्यूआर कोड में डाल देंगे और अगर कोई व्यक्ति उस क्यूआर कोड को स्कैन करेगा।

तो वह उसी फेसबुक पेज पर पहुंच जाएगा। जिस फेसबुक पेज का लिंक आपने उस क्यूआर कोड में डाला है। अगर इसका एक और उदाहरण देखें। तो आपने देखा होगा की दुकानों पर पेमेंट करने के लिए कई सारे क्यूआर कोड मौजूद होते हैं। जिन्हें स्कैन करके आप उन्हें पेमेंट कर सकते हैं।

वह क्यूआर कोड उन्हीं पेमेंट कंपनियों द्वारा दिए जाते हैं। उनके अंदर उन लोगों की यूपीआई आईडी होती है। जिस व्यक्ति का वह क्यूआर कोड है। जिससे कोई भी व्यक्ति उस क्यूआर कोड को स्कैन करता है। तो स्कैन करने के बाद उस व्यक्ति की यूपीआई आईडी ओपन हो जाती है।

जिससे कोई व्यक्ति उस यूपीआई आईडी पर पैसे भेज देता है। अगर आप यूपीआई के बारे में अच्छे से जानना चाहते हैं। तो आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके यूपीआई के बारे में जान सकते हैं। वह भी बहुत ही आसान भाषा में।

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क्यूआर कोड के फायदे क्या है।

चलिए अब क्यूआर कोड के फायदों के बारे में जान लेते हैं कि इसके क्या क्या फायदे होते हैं।

  • इसके अंदर किसी भी नॉर्मल बारकोड के मुकाबले 100 गुना ज्यादा इंफॉर्मेशन स्टोर कर सकते हैं यानी यह किसी भी बारकोड के मुकाबले ज्यादा फायदेमंद है।
  • इसे हम किसी भी डायरेक्शन यानी दिशा से स्कैन कर सकते हैं। मगर किसी भी बारकोड को किसी भी दिशा से नहीं बल्कि एक फिक्स पोजीशन में स्कैन करना होता है।
  • इसका अगला फायदा यह है कि यह मार्केटिंग पॉइंट ऑफ व्यू से काफी रोचक है। जिससे यह किसी भी कस्टमर को आसानी से इंगेज कर सकता है। जिससे किसी भी कंपनी की कम इन्वेस्टमेंट में ज्यादा मार्केटिंग हो जाती है।
  • इसको स्कैन करना बहुत ही ज्यादा आसान है। इस को स्कैन करने के लिए बस आपको अपने स्मार्टफोन में एक एप्लीकेशन को डाउनलोड करना होगा जिसकी मदद से आप आसानी से किसी भी क्यूआर कोड या बार कोड को स्कैन कर सकते हैं।
  • इसका अगला फायदा यह है कि कोई भी व्यक्ति खुद क्यूआर कोड जनरेट कर सकता है यानी बना सकता है इसे बनाना बहुत ही आसान है। जिसके बारे में हम आपको आगे बताएं।

चलिए अब आगे क्यूआर कोड के कुछ नुकसान के बारे में जान लेते हैं।

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क्यूआर कोड के नुकसान क्या है।

चलिए अब क्यूआर कोड के कुछ नुकसानों के बारे में जान लेते हैं कि क्यूआर कोड के क्या क्या नुकसान हो सकते हैं या हैं। इतने सारे फायदे होने के बावजूद भी इसके कुछ नुकसान हैं। जो कुछ इस प्रकार हैं।

  • इसे बड़ी आसानी से बदला जा सकता है या इसमें कोई डेंजरस चीज डाली जा सकती है। जैसे कोई फ्रॉड या फेक वेबसाइट का लिंक आदि।
  • हैकर्स या फ्रॉड इसे फ्रॉड करने के लिए यूज करते हैं। जैसे वह कोई डोनेशन वेबसाइट बनाते हैं। यहां लोगों को यह दिखाते हैं कि वह अच्छे कामों के लिए डोनेशन ले रहे हैं यानी दान ले रहे हैं। जिसके लिए वह अपना क्यूआर कोड दिखा देते हैं। जिससे लोग उन्हें पेमेंट कर सकें तो इस तरह भी लोग ठगी का शिकार बन जाते हैं।

चलिए आगे जानते हैं कि क्यूआर कोड हम आखिर कैसे बना सकते हैं।

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क्यूआर कोड कैसे बनाएं।

अभी तक हमने यह तो जाना कि क्यूआर कोड क्या होता है और इसके बारे में और भी जानकारी है। तो चलिए अब आगे यह जानते हैं कि हम क्यूआर कोड कैसे बना सकते हैं। क्यूआर कोड बनाने के लिए आपको नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करना होगा।

  • सबसे पहले आपको अपने स्मार्टफोन में एक क्यूआर कोड या बारकोड स्कैनर को इंस्टॉल करना होगा क्योंकि आप इन एप्स से ही क्यूआर कोड स्कैनर कर सकते हैं और बना सकते हैं।
  • ऐप इंस्टॉल करने के बाद आपको उसी ऐप के अंदर क्यूआर कोड बनाने का ऑप्शन जरूर मिलेगा। आप उस ऑप्शन की मदद से क्यूआर कोड बना सकते हैं।
  • इसी ऑप्शन में आपको एक लिंक को जोड़ने का कहा जाएगा। अगर आप किसी वेबसाइट का क्यूआर कोड बनाना चाहते हैं। तो उस वेबसाइट का यूआरएल उसके अंदर डाल दें। जिससे अगर कोई व्यक्ति उस क्यूआर कोड को स्कैन करेगा। तो वह आपकी वेबसाइट पर पहुंच जाएगा।
  • ऐसे ही आप चाहे किसी का भी क्यूआर कोड बनाएं। आपको उसके अंदर उसका लिंक डालना होगा। वहीं पर आपको फाइल्स अपलोड करने का ऑप्शन में मिल जाएगा। आप उन्हें भी जोड़ सकते हैं।

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क्यूआर कोड के प्रयोग क्या है।

चलिए अब क्यूआर कोड के कुछ प्रयोग के बारे में जान लेते हैं।

  • इसका इस्तेमाल हम मैसेजेस को शेयर करने में कर सकते हैं।
  • इसका इस्तेमाल हम डिस्काउंट कोड के रूप में कर सकते हैं।
  • इसे हम बिजनेस कार्ड के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं। जिसमें हमारी जानकारी embedded होती है।
  • इससे हम अपने नए लोकेशन को गूगल मैप्स से कनेक्ट कर सकते हैं।
  • इससे हम यूट्यूब वीडियो या यूट्यूब चैनल को लिंक भी कर सकते हैं। जिससे लोग इसे स्कैन करके चैनल पर पहुंच जाएं।
  • इसमें हम अपनी नई ऐप की लिंक को भी जोड़ सकते हैं।
  • इसमें हम अपनी यूपीआई आईडी को भी जोड़ सकते हैं। जिससे कोई भी व्यक्ति क्यूआर कोड को स्कैन करके हमें पैसे भेज सकें।
  • इसमें हम अपनी वेबसाइट या फेसबुक आईडी या इंस्टाग्राम आईडी का लिंक भी ऐड कर सकते हैं।

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क्यूआर कोड से संबंधित कुछ प्रश्न उत्तर।

चलिए अब क्यूआर कोड के बारे में कुछ FAQ यानी प्रश्न/उत्तर जानते हैं।

1. क्या क्यूआर कोड कोई भी व्यक्ति बना सकता है।

उत्तर: हां इसको कोई भी व्यक्ति बना सकता है। वह भी अपने मोबाइल में और इसे बनाना फ्री भी है और आसान भी।

2. क्यूआर कोड का फुल फॉर्म क्या है।

उत्तर: क्यूआर कोड का फुल फॉर्म क्विक रिस्पांस कोड होता है।

3. क्यूआर कोड का आविष्कार कब हुआ।

उत्तर: क्यूआर कोड का आविष्कार सन 1994 में हुआ था।

4. क्यूआर कोड का आविष्कार किसने किया था।

उत्तर: क्यूआर कोड का आविष्कार मासाहिको हरा (Masahiko Hara) ने किया माना जाता है।

5. आज के समय में क्यूआर कोड के क्या-क्या फायदे हैं।

उत्तर: आज के समय में क्यूआर कोड के बहुत सारे फायदे हैं। जिनके बारे में हमने इस आर्टिकल में पूरी तरह से बताया है।

आपने क्या सीखा।

हम आशा करते हैं कि आपको समझ में आ गया होगा कि क्यूआर कोड क्या होता है और इसका अविष्कार किसने किया था। वह इसके संबंध में और भी बहुत सारी जानकारी। अगर आपको कोई चीज समझ में नहीं आई है या आप किसी अन्य विषय के ऊपर जाना चाहते हैं। तो आप हमें कमेंट कर सकते हैं।

हम आपके सवाल का जवाब जरूर देंगे। वही आप हमारे ब्लॉग पर उपस्थित और भी अन्य आर्टिकल्स को पढ़ सकते हैं। इसमें हमने बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की है। जो आपके बहुत ही काम आएगी। हमारे आर्टिकल को पूरा पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद।

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