जावा क्या है और कैसे सीखे हिंदी में पूरी जानकारी

Java kya hai

क्या आप जानना चाहते हैं कि जावा क्या है और इसे कैसे सीखे। अगर हां तो आप हमारे इस आर्टिकल को पढ़ सकते हैं। जिसमें हमने जावा प्रोग्रामिंग लैंग्वेज से संबंधित जानकारी को बहुत ही आसान भाषा में समझाया है।

हम यह वादा करते हैं कि अगर आपने हमारा यह आर्टिकल पूरा पढ़ लिया तो आपको जावा प्रोग्रामिंग लैंग्वेज से संबंधित संपूर्ण जानकारी पता चल जाएगी। उससे पहले क्या आपको पता है। आज के समय में प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को जानने वालों की डिमांड सबसे ज्यादा है।

अगर मैं आपको एक बहुत ही रोचक बात बताऊं कि आज के समय में 3 अरब से ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज में जावा कोड का इस्तेमाल किया जाता है और आप इसी बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि आज के समय में प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कितनी ज्यादा लोकप्रिय हैं।

जैसे हमको पता है कि आज के समय में प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कितनी ज्यादा लोकप्रिय और जरूरी है और उन्हीं सभी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में से एक बहुत ही लोकप्रिय प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है। जिसका नाम है। Java जिसका इस्तेमाल आज के समय में काफी ज्यादा किया जाता है।

तो चलिए फिर आज हम इस आर्टिकल में जावा से संबंधित ही जानकारी जानेंगे कि जावा क्या होती है और इसे हम कैसे सीख सकते हैं। इसके संबंध में और भी बहुत सारी जानकारी तो चलिए शुरू करते हैं।

Table of Contents

जावा क्या है।

जावा एक हाई प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है। इसका इस्तेमाल सॉफ्टवेयर और एप्लीकेशन बनाने के लिए किया जाता है। जावा को जेम्स गोस्लिंग ने 1995 में बनाया था। जो सन माइक्रोसिस्टम्स के एक डेवलपर थे।

इस लैंग्वेज में लिखे गए कोड को आप किसी भी प्लेटफार्म या ऑपरेटिंग सिस्टम में रन यानी चला सकते हैं। इसमें लिखे गए सारे कोड्स अंग्रेजी भाषा में होते हैं ना कि numeric codes में। इसके लिखे गए कोड्स को आप आसानी से समझ सकते हैं। इसलिए इसे हाई लेवल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में शामिल किया गया है।

यह oops की कांसेप्ट को फॉलो करती है। और साथ ही इसमें C++ लैंग्वेज के फंडामेंटल का इस्तेमाल किया जाता है और साथ ही प्रोग्राम लिखने के लिए जिन रूल्स यानी नियमों को फॉलो किए जाता है। उन्हें Syntax कहां जाता है। बिना सिंटेक्स यानी नियमों का पालन किए बिना प्रोग्राम लिखने से Error आता है।

उदाहरण के लिए जब आप इंग्लिश में सेंटेंस लिखते हैं। तो आपको इंग्लिश ग्रामर के नियमों का पालन करना पड़ता है। अगर आप ऐसा नहीं करते तो आप सेंटेंस को गलत तरीके से लिख देंगे। ठीक उसी प्रकार जब आप प्रोग्राम लिखते हैं। तो आपको Syntax कि नियमों का पालन करना होगा। अगर आप ऐसा नहीं करते तो आप प्रोग्राम नहीं लिख पाएंगे।

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जावा का इस्तेमाल क्यों करते हैं।

अब बात आती है कि Java का इस्तेमाल क्यों किया जाता है। तो इसका जवाब बहुत ही आसान है की जावा एक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है और एक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का इस्तेमाल कंप्यूटर को कमांड देना है यानी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की मदद से कंप्यूटर को आदेश दिया जाता है कि वह क्या कार्य करें।

जावा का इस्तेमाल करके हम मोबाइल एप्स, सॉफ्टवेयर आदि बनाने में किया जाता है। एंड्राइड के जितनी भी ऑपरेटिंग सिस्टम है। जैसे- किटकैट, लॉलीपॉप, ओरियो आदि।

यह सभी इसी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज से बनाए गए हैं और आज के समय में जितने भी वेब पेजेस है। वह सभी जावास्क्रिप्ट पर चलते हैं। इस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखना आज के समय में काफी ज्यादा फायदेमंद है।

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जावा को क्यों बनाया गया था।

चलिए अब जानते हैं कि आखिर जावा को क्यों बनाया गया था। पहले के समय में जितनी भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज थी। वह सारी procedural structur यानी प्रक्रियात्मक सरंचना को फॉलो कर दी थी।

उसके बाद आई Obeject oriented concept यानी वस्तु उन्मुख अवधारण और आज के समय में किसी का इस्तेमाल किया जाता है और इस कांसेप्ट ने पूरी प्रोग्रामिंग इंडस्ट्री को बदल दिया।

यहां तक कि Java भी इसी कांसेप्ट को फॉलो करता है। आपके मन में एक सवाल जरूर आया होगा कि इस लैंग्वेज के पहले भी ऐसी बहुत सारी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज मौजूद थी।

तो फिर इस लैंग्वेज में ऐसी क्या खासियत है। जो आज के समय में इसका इस्तेमाल इतना ज्यादा किया जाता है। आप तो यह जानते होंगे कि आज के समय में एप्लीकेशंस सॉफ्टवेयर की कितनी डिमांड है।

चाहे ऑनलाइन पेमेंट करना हो या फोटो और वीडियो एडिट करना या ऑनलाइन फॉर्म भरना या फिर ऑनलाइन कैलकुलेटर का इस्तेमाल करना आदि।

यह सभी जावा प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की वजह से संभव हुआ है क्योंकि जावा वेब बेस्ड लैंग्वेज के साथ मिलकर काम करता है यानी इसका मतलब साफ साफ है कि इसको इंटरनेट एप्लीकेशन और टूल्स को बनाने के लिए बनाया गया था।

अगर हम इसकी तुलना और दूसरी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के साथ करें। तो यह इंटरनेट में आसानी से execute यानी निष्पादित होता है और साथ में इसमें प्रोग्राम लिखना भी काफी आसान होता है और दूसरी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की तुलना में। Java script, JSP (Java server pages),Java इन सभी की मदद से एक पावरफुल वेब एप्लीकेशन बनाया जा सकता है।

जावा एप्लेट को आप आसानी से वेब पेज में इंप्लीमेंट कर सकते हैं। इसकी मदद से आप ऑफलाइन प्रोग्राम भी लिख सकते हैं। जो बिना इंटरनेट के भी चलते हैं। इसी के साथ में आपको एक सलाह देना चाहूंगा कि अगर आप प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखना चाहते हैं।

तो आपको जावा को जरूर सीखना चाहिए क्योंकि आज भी और आगे भी आने वाले समय में काफी फायदेमंद प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है। अगर आप इस लैंग्वेज को सीखते हैं। तो आपको कई सारी जॉब्स आसानी से मिल सकती हैं। चलिए अब आगे जानते हैं कि जावा प्रोग्राम कोड आखिर कैसे रन होता है।

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जावा प्रोग्राम कोड कैसे रन होता है।

चलिए अब जानते हैं कि जावा प्रोग्राम कोड आखिर कैसे रन होता है। यह लैंग्वेज कोड को रन करने के लिए abstract computing machine का इस्तेमाल करती है। जिसको जावा वर्चुअल मशीन कहते हैं। चलिए अब आगे इस जवा वर्चुअल मशीन को समझते हैं। वह भी आसान भाषा में।

java virtual Machine क्या है।

इसका शॉर्ट फॉर्म JVM है। यह एक वर्चुअल कंप्यूटर है। जो सारे जावा प्रोग्राम को रन करता है। जब एक प्रोग्राम लिखा जाता है। तो उसे सोर्स कोड बोला जाता है।

इसी source code को Java compiler की मदद से compile यानी संकलन करके byte code generate किया जाता है और इसी byte code को execute यानी निष्पादित करने के लिए JVM (Java virtual Machine) का इस्तेमाल किया जाता है। JVM के अंदर Java interpreter होता है।

वही प्रोग्राम को रन करता है। आपके लिए एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि आप जितने भी कंप्यूटर में जावा प्रोग्राम को रन करते हैं। उनके अंदर पहले ही JVM installed रहता है। इसलिए यह कोड सारे कंप्यूटर में चलती है। इसी कारण जावा इंडिपेंडेंट लैंग्वेज है। मगर इसके विपरीत जो दूसरे प्रोग्रामिंग लैंग्वेज हैं।

उनके compiler जो कोड प्रोड्यूस करते हैं। वह एक ही सिस्टम के लिए जनरेट करते हैं यानी वह केवल एक ही सिस्टम में रन होते हैं। लेकिन जो Java compiler जो कोड प्रोड्यूस करता है। वह JVM के लिए होता है और JVM सारे सिस्टम में रहने की वजह से यह प्रोग्राम हर कंप्यूटर में चलता है।

यह वर्चुअल मशीन कोड को ऑपरेटिंग सिस्टम मैं चलाने लायक बनाता है। साथ ही यह प्लेटफॉर्म इंडिपेंडेंट लैंग्वेज है। आप इसके नाम से ही जान गए होंगे कि यह प्लेटफार्म के ऊपर डिपेंड नहीं करता। प्लेटफार्म से मेरा मतलब OS यानी operating system से है। जैसे- windows, Mac, Linux, Android आदि।

आसान भाषा में कहें तो जब हम कोई प्रोग्राम लिखते य बनाते हैं। तो यह प्रोग्राम सभी सिस्टम पर चलते हैं। मगर कुछ प्रोग्राम ऐसे होते हैं। जो केवल एक ही कंप्यूटर या ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलते हैं। ऐसे प्रोग्राम को प्लेटफॉर्म डिपेंडेंट लैंग्वेज कहते हैं।

यानी अगर कोई ऐसा प्रोग्राम है। जो केवल एक ही कंप्यूटर पर चलता है। तो उसे प्लेटफॉर्म डिपेंडेंट प्रोग्राम कहते हैं। वहीं दूसरी तरफ अगर कोई ऐसा प्रोग्राम है। जो सभी ऑपरेटिंग सिस्टम पर करता है। तो उसे प्लेटफॉर्म इंडिपेंडेंट लैंग्वेज कहते हैं। चलिए आगे जानते हैं जावा के इतिहास के बारे में।

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जावा का इतिहास क्या है।

अभी तक हमने जावा के बारे में काफी कुछ जाना है। चाहिए अब जानते हैं कि जावा का इतिहास क्या है। जावा का आविष्कार जेम्स गोस्लिंग तथा उनकी टीम ने वर्ष 1991 में सन माइक्रोसिस्टम्स मै किया था।

इनकी टीम को ग्रीन टीम कहती थी। इस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को बनाने का उद्देश्य यह था कि एक ऐसी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज बनाई जाए। जिसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज जैसे- सेटअप बॉक्स, टेलीविजन आदि में इस्तेमाल किया जा सके।

उस समय यह काफी मुश्किल था। मगर इसे बनाने के बाद यह इंटरनेट के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हुआ। कुछ समय बाद यह टेक्नोलॉजी नेटस्पेस के साथ मिल गई। चलिए आगे जानते हैं। जावा के इतिहास से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में।

जेम्स गोस्लिंग कौन था।

जेम्स गोस्लिंग जावा प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की प्रमुख डेवलपर थी। जिस जावा का उपयोग इंटरनेट प्रोग्रामिंग, मोबाइल एप्स, गेम्स आदि में किया जाता है। जेम्स गोस्लिंग,माइक शेरिडन और पैट्रिक नॉटन ने जावा प्रोजेक्ट की शुरुआत 1991 में की थी।

इन्होंने एक इंजीनियर्स की टीम बनाई थी। इस प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए इस टीम का नाम ग्रीन टीम रखा गया था और साथ ही साथ जावा लैंग्वेज की कोडिंग C प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में लिखी गई थी। जेम्स गोस्लिंग ने इसका नाम greentalk रखा और बाद में इसका नाम Oak रखा गया।

इसका नाम Oak क्यों रखा गया।

पहले इसका नाम Oak इसलिए रखा गया क्योंकि Oak को स्ट्रैंथ का सिंबल बोला जाता था और साथ ही Oak वेस्टर्न देश जैसे- USA, Germany, France, Romania आदि का राष्ट्रीय वृक्ष यानी नेशनल ट्री है। इसलिए इसका नाम Oak रखा गया।

मगर इसके कुछ समय बाद 1995 में Oak नाम को बदलकर Java रखा गया। क्योंकि उस समय Oak पहले ही उस समय टेक्नोलॉजीस कंपनी का ट्रेडमार्क था। अब लोगों के मन में सवाल आ रहा होगा कि आखिर इसका नाम बदलकर जावा क्यों रखा गया कुछ और क्यों नहीं चलिए जानते हैं। आगे इसके बारे में।

इसका नाम Java क्यों रखा गया।

चलिए अब जानते हैं कि इसका नाम जावा क्यों रखा गया। जब टीम एकजुट होकर इस लैंग्वेज का एक नया नाम ढूंढ रही थी। तो उन्होंने काफी सारे नाम चुने जो काफी यूनिट थे और वह यह भी चाहते थे कि वह एक ऐसा नाम चुने जो टेक्नोलॉजी को रिप्रेजेंट करें।

जैसे- dynamic, silk, DNA, Java आदि। जब टीम ने यह देखा कि उन्हें एक ऐसा नाम यूज़ करना चाहिए। जो cool और unique हो और उसे बोलने में भी अच्छा लगे। तो आखिर में उन्होंने JAVA नाम को चुना। इसके बारे में यह भी कहते हैं कि जब पूरी टीम कॉफी पीने गई।

तो उन्हें याद आया कि इंडोनेशिया के एक Island का नाम भी जावा है। जहां पर सबसे पहले कॉफी प्रोड्यूस हुई थी। और इसी के साथ इन्हें यह नाम इतना अच्छा लगा कि इन्होंने अपनी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का नाम ही जावा रख दिया। आज के समय में जावा के काफी सारे वर्जन मौजूद हैं। जिनके बारे में हम आपको आगे बताएंगे।

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जावा वर्जन का इतिहास।

चलिए अब जानते हैं जावा वर्जन के बारे में यानी अब तक जावा के कितने वर्जन आ चुके हैं। वैसे तो समय-समय पर जावा के नए नए वर्जन को रिलीज किया गया है। जिनके बारे में हमने आपको नीचे बताया है।-

  • JDK Alpha and Beta (1995)
  • JDK 1.0 (23 Jan 1996)
  • JDK 1.1 (19 Feb 1997)
  • J2SE 1.2 (8 Dec 1998)
  • J2SE1.3 (8 May 2000)
  • J2SE 1.4 (6 Feb 2002)
  • J2SE 5.0 (30 sep 2004)
  • JAVA SE 6 (11 Dec 2006)
  • JAVA SE 7 (28 July 2011)
  • JAVA SE 8 (18 March 2014)
  • JAVA SE 9 (21 sep 2017)
  • JAVA SE 10 (20 March 2018)
  • JAVA SE 11 (25 sep 2018)
  • JAVA SE 12 (19 March 2019)
  • JAVA SE 13 (17 sep 2019)
  • JAVA SE 14 (17 March 2020)
  • JAVA SE 15 (25 sep 2020)
  • JAVA SE 16 (16 March 2021)
  • JAVA SE 17 (14 sep 2021)
  • JAVA SE 18 (22 March 2022)

हमने इन जावा वर्जन की जानकारी विकिपीडिया से लि है। आप विकीपीडिया पेज इस विकिपीडिया पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं।

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जावा का यूज कहां कहां है।

अभी तक हमने जावा के बारे में काफी कुछ जाना है। चलिए अब जानते हैं कि आखिर जावा प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का इस्तेमाल कहां कहां पर किया जाता है।

वैसे देखा जाए तो आज के समय में 3 बिलियन से अधिक डिवाइस इस जावा पर चलते हैं और आईटी इंडस्ट्री में इस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का इस्तेमाल काफी ज्यादा किया जाता है।

अगर आप इस लैंग्वेज को सीख लेते हैं तो आपको काफी जल्दी जॉब भी मिल सकती है। चलिए जानते हैं। जावा का इस्तेमाल कहां कहां किया जाता है।

  • JSP- यह एक वेब टेक्नोलॉजी है। इसका इस्तेमाल वेब एप्लीकेशन में किया जाता है। इसकी मदद से जावा कोड को HTML डॉक्यूमेंट में इंसर्ट किया जाता है। जावा कोड को HTML मैं इंसर्ट करने के लिए JSP tag को यूज किया जाता है। इसकी मदद से वेबपेज बनाए जाते हैं। आपको पता होगा कि PHP server side scripting language है। इस लैंग्वेज में भी जावा का इस्तेमाल किया जाता है।
  • Mobiles – मोबाइल इंडस्ट्री में भी जावा का इस्तेमाल किया जाता है। इसने गेम इंडस्ट्री को भी काफी हद तक बदल दिया है। मोबाइल इंडस्ट्री में जावा का योगदान बहुत ही महत्वपूर्ण है।
  • Applets– यह भी एक प्रकार का जावा प्रोग्राम है। जिसको वेबपेज के अंदर ऐड किया जाता है। जिससे वेब ब्राउजर में नए-नए फीचर्स देखने को मिलते हैं। यह HTML के अंदर ही रहते हैं। कुछ ऑनलाइन गेम्स इसके उदाहरण है। applets को वेब ब्राउजर में यूज करने के लिए प्लगइन की जरूरत पड़ती है।
  • J2EE – इसका फुल फॉर्म Java 2 enterprise edition है। यह एक इंडिपेंडेंट एनवायरमेंटल प्लेटफॉर्म हैं। इसकी मदद से web based enterprise application बनाए जाते हैं। XML based structure data को companies आपस में शेयर करने के लिए J2EE द्वारा बनाई गई web-application का प्रयोग करती हैं।
  • Javabeans– यह एक visual basic जैसा ही है। इसमें पहले से मौजूद कंपोनेंट्स की मदद से नए और एडवांस एप्लीकेशन बनाए जाते हैं। इसमें बहुत सारे object को एक object मैं रखा जाता है। जिसे beans कहते हैं।

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जावा एप्लीकेशन के प्रकार।

चलिए अब जानते हैं जावा एप्लीकेशन के प्रकार बारे में।

मोबाइल एप्लीकेशन।

इनके बारे में तो आप जानते ही होंगे। आप अपने मोबाइल पर जितने भी एप्स और गेम्स को चलाते हैं। यह सभी इसी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के जरिए बनाए जाते हैं। आज के समय में गूगल प्ले स्टोर पर जितने भी एप्स मौजूद हैं। वह सभी या उनमें से ज्यादातर इसी जावा प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के द्वारा बनाए गए हैं।

वेब एप्लीकेशन।

वेब एप्लीकेशन या वेब एप ऐसी एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर होती हैं। जो किसी वेब ब्राउज़र पर चल सके। इसका इस्तेमाल करने के लिए यूजर को अपने वेब ब्राउज़र के अलावा किसी अन्य सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं होती है। इसे भी जावा प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के जरिए बनाया जाता है।

स्टैंडअलोन एप्लीकेशन

इसका मतलब डेक्सटॉप एप्लीकेशन और मोबाइल एप्लीकेशन हैं। यह वह सॉफ्टवेयर होते हैं। जिनका इस्तेमाल हम हर रोज करते हैं। जैसे – एंटीवायरस, मीडिया प्लेयर, ब्राउज़र आदि। AWT और SWING की मदद से स्टैंडअलोन एप्लीकेशन आसानी से बनाएं जाते हैं।

एंटरप्राइज एप्लीकेशन।

एंटरप्राइज एप्लीकेशन बनाने में जावा प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि यह लैंग्वेज हाई सिक्योरिटी प्रोवाइड करती है। बैंकिंग एप्लीकेशन, एकाउंटिंग एप्लीकेशन, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन एप्लीकेशन इन सभी तरह के एंटरप्राइज एप्लीकेशन बनाने के लिए EJB (enterprise Java bean) का इस्तेमाल किया जाता है।

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जावा की विशेषताएं।

अभी तक हमने जावा प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के बारे में काफी कुछ जान लिया है। जैसे कि यह क्या होता है। इसका इस्तेमाल क्यों किया जाता है।इसको किसने बनाया था। चलिए अब इस लैंग्वेज की कुछ विशेषताओं के बारे में जान देते हैं। आखिर इस की क्या-क्या विशेषताएं होती हैं। जो इसका इस्तेमाल आज के समय में इतना ज्यादा किया जाता है।

  • Simple – इस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को आप आसानी से समझ और सीख सकते हैं। यह इसकी एक बहुत ही महत्वपूर्ण खास बात है। इसलिए इसको थोड़ा सिंपल बोला जाता है। अगर आपने इसके कांसेप्ट को अच्छी तरह से समझ लिया तो फिर आप आसानी से इस लैंग्वेज को समझ जाएंगे और इस लैंग्वेज में प्रोग्राम बना लेंगे। यह इश्क लैंग्वेज की एक महत्वपूर्ण बात है।
  • Secure – इसके सिक्योरिटी फीचर के लिए यह काफी ज्यादा प्रसिद्ध है। इसकी मदद से हम वायरस फ्री सॉफ्टवेयर सिस्टम डिवेलप कर सकते हैं। ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी में पब्लिक की इंक्रिप्शन का इस्तेमाल किया जाता है।
  • Robust – इसमें लिखे गए प्रोग्राम मजबूत होते हैं। मजबूत से मेरा मतलब किसी धातु की तरह मजबूत नहीं बल्कि जब प्रोग्राम को रन किया जाता है। तो उसमें Error नहीं रहता है। क्योंकि इसमें Compile time और run time error checking mechanism का इस्तेमाल किया जाता है।
  • portable – प्लेटफॉर्म इंडिपेंडेंट की वजह से यह पोर्टेबल भी है। क्योंकि java और compiler दोनों को ANSI C मैं लिखा जाता है।
  • Dynamic – यह डायनेमिक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है। यानी किसी भी इन्वायरमेंट को अडेप्ट कर सकती है।
  • Distributed – इसके इसी नेचर की वजह से आज इंटरनेट के distributed environment मैं अपना रुतबा कायम है।
  • Architectural neutral – compiler द्वारा जो कोड जनरेट किया जाता है। वह byte code होता है। जिस कोड को आप कहीं भी किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम में रन करा सकते हैं। इसलिए इसको Architectural neutral बताया जाता है। इसके लिए JVM का होना अनिवार्य है। जो सभी कंप्यूटर में होता है।
  • Multi-threaded – इसी फीचर की वजह से आप ऐसे प्रोग्राम लिख सकते हैं। जो multiple task को परफॉर्म कर सकते हैं। मतलब एक एप्लीकेशन हो। जिसमें आप एक साथ बहुत सारे टास्क कर सकें। High performance compiler की वजह से जावा का परफॉर्मेंस काफी अच्छा है।

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जावा के एडिशन।

चलिए अभी जावा के एडिशन के बारे में जानते हैं। जावा के कितने एडिशन मौजूद हैं।

  • JSE – इसका फुल फॉर्म Java standard edition होता है। सर्वर एप्लीकेशन, और एपलेट्स प्रोग्राम बनाने के लिए JSE आपकों टूल्स और एपीआई प्रोवाइड करता है। JSE से जितने भी प्रोग्राम बनाए जाते हैं। वह सभी ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलते हैं। जैसे – Linux, windows, MAC आदि।
  • JEE – इसका फुल फॉर्म Java enterprise edition होता है। वेब एप्लीकेशन सर्विसेज, कॉम्पोनेंट मॉडल, एटरप्राइज क्लास सर्विसेज ओरिएंटेड आर्किटेक्चर (SOA) के लिए मददगार है।
  • JME – इसका फुल फॉर्म Java micro edition होता है। इसका इस्तेमाल मोबाइल फोन एप्लीकेशन,पीडीएस, टीवी सेट टॉप बॉक्स सॉफ्टवेयर, गेमिंग प्रोग्राम डेवलप करने के लिए किया जाता है। इसका इंटरफ़ेस काफी ज्यादा यूजर फ्रेंडली था। इसके साथ-साथ यह काफी भरोसे लायक है। सिक्योरिटी मॉडल अलग-अलग तरह के बिल्ड इन नेटवर्क की सुविधा देता है। इसमें आप जावा बेस्ट एप्लीकेशन चला सकते हैं।

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जावा कैसे सीखें आसानी से।

अगर आप जावा सीखना चाहते हैं। तो आप तो तरीकों से जावा प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को सीख सकते हैं। चलिए जानते हैं।

  • आप ऑफलाइन कोचिंग इंस्टिट्यूट से जावा प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीख सकते हैं। आज के समय में आपको ऐसी बहुत सारी इंस्टिट्यूट या कोचिंग सेंटर मिलेंगे जो आपको कई सारी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को सिखाते हैं। जैसी C,C++, Java, python आदि। आप इन कोचिंग या इंस्टीट्यूट में ऐडमिशन लेकर इसे सीख सकते हैं।
  • दूसरा तरीका है। आप ऑनलाइन वीडियो ट्यूटोरियल्स या ऑनलाइन कोर्स लेकर जावा को सीखें। आज के टाइम में इंटरनेट पर ऐसे बहुत सारे कोर्स या फ्री वीडियोस भी उपलब्ध हैं। जहां आप उन वीडियोस को देख कर जावा को सीख सकते हैं। जिनमें से एक उदाहरण है यूट्यूब क्योंकि यूट्यूब पर भी ऐसे कई सारे चैनल है। जो जावा सिखाने का पूरा कोर्स फ्री में प्रोवाइड कराते हैं। आप उनके वीडियोस को देखकर भी या ऑनलाइन कोर्स लेकर भी जावा सीख सकते हैं।

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कंप्यूटर में जावा प्रोग्राम देखने के लिए एडिटर्स।

आपको अपने कंप्यूटर में जावा प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को लिखने के लिए एक एडिटर की जरूरत पड़ेगी। हम आपको नीचे कुछ एडिटर्स के बारे में बता रहे हैं। जिनमें आप जावा लिख सकते हैं।

  • Notepad++ यह एक एडिटर सॉफ्टवेयर है। जिसमें आप बहुत ही आसानी से कोड लिख सकते हैं। इस एडिटर में आपको Error और missing bracket ढूंढने में आसानी होती है।
  • Netbeans- यह भी एक अच्छा एडिटर है। जिसे आप आसानी से और फ्री में इंटरनेट से डाउनलोड कर सकते हैं। यह Java IDE है।
  • Eclipse – यह भी एक अच्छा एडिटर है। इसको एक्लिप्स ओपन सोर्स कम्युनिटी ने बनाया है। जिसे आप इंटरनेट से डाउनलोड कर सकते हैं। यह java IDE है।

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कंप्यूटर में जावा चलाने के लिए क्या चाहिए।

  • सबसे पहले आपको जावा सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट को अपने कंप्यूटर में डाउनलोड करना होगा। जिसे आप इस लिंक से कर सकते हैं।
  • वेबसाइट में जो भी इंस्ट्रक्शन दिए हैं। उन्हें फॉलो करें। इसे डाउनलोड करने के लिए।

जावा से संबंधित कुछ प्रश्न उत्तर।

चलिए अब जानते हैं। जावा प्रोग्रामिंग लैंग्वेज से संबंधित पूछे जाने वाले कुछ प्रश्न उत्तर।

1. Java का फुल फॉर्म क्या है।

उत्तर: जावा का कोई भी फुल फॉर्म नहीं है। यह एक सामान्य उद्देश्य वाली प्रोग्रामिंग भाषा है।

2. जावा को किसने बनाया था।

उत्तर: जावा को जेम्स गोस्लिंग ने बनाया था।

3. जावा को किस वर्ष बनाया गया था।

उत्तर: जावा को वर्ष 1995 में बनाया गया था।

4. जावा का पहले क्या नाम था।

उत्तर: इसका पहले Oak नाम था।

5. आज के समय में जावा प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को सीखना फायदेमंद है।

उत्तर: हां बिल्कुल आज के समय में इसको सीखना फायदेमंद है क्योंकि इसका इस्तेमाल आज के समय में बहुत किया जाता है।

आपने क्या सीखा।

हम आशा करते हैं। आपको समझ में आ गया होगा कि जावा क्या होता है और इसे कैसे सीखें। अगर आपको कोई चीज समझ में नहीं आई है या आप किसी अन्य विषय के ऊपर जाना चाहते हैं। तो आप हमें कमेंट जरूर करें। हम आपके कमेंट का जवाब जरूर देंगे।

वही आप हमारे ब्लॉग पर उपस्थित और भी अन्य आर्टिकल्स को पढ़ सकते हैं। हमने अपने ब्लॉग पर बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की है। इस आर्टिकल को पूरा पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद।

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